सफर ए इलाहाबाद

आज सुबह से कुछ ज्यादा ही चहल पहल दिख रही थी। कोई सामान बैग में रख रहा था जैसे कपड़े आदि और कोई रसोई में व्यस्त था रास्ते के लिए नास्ता और खाना बनाने में। मेरे लिए सब नया सा था और होना भी चाहिए था क्योंकि उम्र भी रही होगी वही लगभग 8 साल की। मेरी याद में मेरी पहली यादगार यात्रा थी वो, मेरे उस समय की ड्रीम डेस्टिनेशन प्लेस इलाहाबाद की।अब प्रयागराज हो गया है। नाम बदलने से मेरे इस जगह से जुड़ाव और भावनात्मक लगाव में कोई कमी थोड़े आई । खैर मैं तो उस समय कुछ ज्यादा रोमांचित था एक तो उम्र का असर था, बचपना और दूसरा इलाहाबाद और कुम्भ के बारे में सुनी कहानियां खासकर कुम्भ के बारे में जिनमे मेले में खूब खिलौने और झूले आदि की आकर्षित करने वाली बातें थी तो कुछ बच्चों के चोरी हो जाने वाली डरावनी बातें भी थी। खैर वो यात्रा कुछ खट्टी मीठी यादों के साथ आज भी जहन में है । तब के इलाहाबाद में और आज के प्रयागराज में काफी कुछ बदल गया है सिवाय वहां के लोगो की मोहब्बत, बात करने के अंदाज और वहां की खूबसूरत और दर्शनीय स्थलों के। अब आप लोगो को ज्यादा बोर न करते हुए मैं वहां की कुछ जगहों को आपसे साझा करना चाहूंगा जिन्हें आपको जरूर देखना और घूमना चाहिए।

1) संगम घाट और हनुमान मंदिर

अगर आपको भीड़ भाड़ पसंद है तब तो आपको कुम्भ के समय ही यहां आना चाहिए तब आपको आस्था का अलग ही रूप और नजारा दिखाई देगा। एक अलग दुनिया बस जाती है उस समय यहां पर। देश विदेश से लोग यहां पर कल्पवास के लिए आते है।बाकी अगर आपको भीड़ भाड़ नही पसंद तो आप किसी भी मौसम में आ सकते है।दिन की शुरुवात पवित्र संगम स्नान से आप कर सकते है उसके बाद वही बड़े हनुमान जी के दर्शन कर सकते है।

2) आनंद भवन

अब जब विषय राजनीति है तो हम सब उससे कैसे अछूते रह सकते है। नेहरू परिवार भी उसी का हिस्सा है तो आप आनंद भवन और स्वराज भवन में अपनी दोपहर बिता सकते है। जहां इस परिवार तथा जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा जी से जुड़ी कई चीजें देखने को आपको मिल जाएंगी।

3) जवाहर नक्षत्रशाला

कहते है इस विशाल अंतरिक्ष के एक कड़ के समान है हमारी पृथ्वी। बहुत सी अनसुलझी बातें है इस इसमें जो कि आम व्यक्ति और वैज्ञानिकों के लिए जिज्ञासा का विषय है। अगर आप इस अंतरिक्ष को महसूस करना चाहते है तो आपके लिए इस शहर में जवाहर नक्षत्रशाला मौजूद है जो आपको एक अलग दुनिया मे ले जाएगा।

4) सरस्वती घाट

शांति से बैठकर कुछ समय के लिए अपने आप को अगर आप महसूस करना चाहते है तो आपके लिए शाम सरस्वती घाट में बितानी चाहिए जहां यमुना की लहरों को निहारते हुए उसमे डूबते हुए सूरज की परछाई को आप देख सकते है वही बगल में मनकामेश्वर मंदिर में आप भगवान शिव के आगे माथा टेक सकते है। मिंटो पार्क और नए यमुना ब्रिज को भी आप देख सकते है जो कि वॉकिंग डिस्टेंस में ही है।

5) कंपनी बाग़

किसी भी शहर को अगर आप घूमना चाहते है तो कम से कम दो दिन का समय जरूर लेकर जाए और अगर आपने अपना पहले दिन की सुबह संगम घाट पे बिताया है तो दूसरे दिन की सुबह आप प्रकृति के बीच मे बिताना चाहते है तो कंपनी बाग़ जरूर जाए। जहां की खूबसूरती आपको मंदमुग्ध कर देगी। यहां आपको विभिन्न खूबसूरत फूलो के अलावा आप संगीतमय फाउंटेन का भी आनंद ले सकेंगे।

6) चंद्रशेखर आज़ाद पार्क

अंग्रेजो से आजादी में इस शहर का बहुत योगदान रहा है। और जब हम स्वतंत्रता सेनानियों की बात करेंगे तो चंद्रशेखर आज़ाद का स्थान ऊपर है और तब के अल्फ़्रेड पार्क में अंग्रेजो से मुकाबला करते हुए बची अंतिम गोली को खुद को मार कर शहीद हुए आज़ाद की कहानी को हम कैसे भूल सकते है। अगर इस शहर में आप आये तो उनको श्रद्धांजलि जरूर देने जाइये।

7) खुसरो बाग़

जब बात भारतीय स्थापत्य कला की हो तो मुगलो के योगदान को कौन नकार सकता है। इस कला में मुगलो के योगदान को अगर आप इस शहर में महसूस करना चाहते है तो खुसरो बाग़ जरूर जाए यहाँ पर जहाँगीर के बड़े बेटे खुसरो मिर्ज़ा, पत्नी शाह बेगम, बेटी सुल्तान निथार बेगम का मकबरा है। यह बाग़ अपने अमरूदों के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है।

8) इलाहाबाद संग्रहालय

सन 1931 में स्थापित यह कला के समृद्ध संग्रह और अद्वितीय वस्तुओ के लिए जाना जाता है। अगर आपको अपनी धरोहर से लगाव है और आप इसे जानना और समझना चाहते है तो यहां जरूर आये। आप शहीद आज़ाद द्वारा अंतिम समय मे इस्तेमाल की गई पिस्तौल को भी यहां देख पाएंगे।

9) ऑल सेंट कैथेड्रल चर्च

अंग्रेजो के स्थापत्य कला का यह उदाहरण है। यह दो सड़को के बीच स्थित है। इसका डिजाइन इमरसन ने बनाया था जिन्होंने कलकत्ता में स्थित विक्टोरिया मेमोरियल का डिज़ाइन तैयार किया था। आप इस जगह में भी जरूर जाए।

10) सिविल लाइन

यह जगह वैसे तो कोई विशेष चीज के लिए मशहूर नही है लेकिन अगर आप इस शहर आये और शॉपिंग करना चाहते है या कुछ खाना चाहये है तो इस जगह पे आपको बहुत विकल्प मिल जाएंगे। वैसे अगर आप यहां है तो कामधेनु की मिठाई, ईट ऑन की चिकेन बिरियानी, और शोफ़िया की पान गिलौरी जरूर ट्राई करियेगा।

और अंत मे अगर आप हमारे इलाहाबाद और आपके प्रयागराज में आना चाहते है तो यहां आने के लिए देश के प्रमुख शहरों से आपको आसानी से रेल, और बस की सुविधा मिल जाएगी। और तो और आपको यहां आने के लिए हवाई सफर की भी सुविधा मिल जाएगी। मौका मिले तो एक बार जरूर आइए प्रयागराज में…..

Create your website at WordPress.com
Get started